Fasting war between BJP and Congress : Politics
आखिर क्या मायने हैं BJP और Congress के upwas (Fasting) war के: Political propaganda
उपवास (Fasting) हमेशा से लोग करते आ रहे हैं जो किसी न किसी खास Purpose के लिए होता रहा है|
वेदों और पुराणों के अनुसार पहले लोग तपस्या करने के समय पूरी तरह से fast रखकर किया करते थे, इसके अनुसार भगवान खुश होते थे और बाद में वह अपनी तपस्या से भगवान को खुश कर उनसे अपना Wish मांगते थे।
यह आजादी के समय में भी कई सारे Freedom fighters ने भी ऐसा किया|
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परंतु आज जिस तरह से Political parties व्रत रख रही है और उपवास के बहाने BJP और Congress दोनों ही एक दूसरे पर आक्रमक हैं उससे यह तो साफ जाहिर है कि यह Attack सिर्फ और सिर्फ 2019 में होने वाले General election को देखते हुए किए जा रहे हैं|
लेकिन इन सबमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे आखिर किसका फायदा होने जा रहा है, Public का या Political Parties का|
आज 12 अप्रैल 2018 को बीजेपी का उपवास व्रत है।
जिसकी घोषणा BJP Leader और Prime minister of India Narendra Modi ने Parliamentary Session के 23 में दिन और आखिरी दिन Parliament न चल पाने के कारण किया था जो कि विपक्षी पार्टियों के हंगामे के कारण पूरे 23 दिनों तक नहीं चल पाई|
इस Upwas vrat का कारण Prime minister Narendra Modi ने Congress और Opposition Parties के Non Democratical रवैये को अपनाकर Bugget Session न चलने देने के खिलाफ बताया है जो जिसमें कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने session को नहीं चलने दिया था।
इससे पहले ही बीजेपी और NDA के MP ने अपना 23 दिन का वेतन व भत्ता न लेने की घोषणा कर चुके हैं जिन दिनों सदन में कोई काम ना हो सका था।
इस उपवास व्रत में Prime minister के साथ BJP के सारे नेता शामिल हो रहे हैं जिसमें BJP Chief Amit Shah Karnatka के हुबली में अनशन के साथ Strike का Announcement कर चुके हैं|
साथ ही BJP के सारे MP अपने क्षेत्रों में उपवास व्रत करेंगे जहां जहां बीजेपी के Lower House MP नहीं है वहां राज्यसभा सांसद Uper House MP, MLA के साथ उपवास करेंगे|
http://currentwa.blogspot.in/2018/03/moral-victory-is-only-term-or-is-it.html?m=1
इससे पहले Congress Chief Rahul gandhi ने Rajghat पर Upwas की घोषणा की थी जो कि Dalit Agitation के Support में बताया गया था|
लेकिन यह उपवास व्रत काफी Controversial रहा और इसे उपवास नहीं बल्कि गरीबों का उपहास (Joke) व्रत बताया गया|
इस उपवास में congress के controversial leader, Jagdish Tytler और Sajjan Kumar के शामिल किए जाने पर भी लोगों में आक्रोश था, क्योंकि ये दोनों ही leader 1984 के Sikh riot के accused है जिसमें 10000 से अधिक Sikh Community के लोगों को मार दिया गया था। उसमें टायर गले में डालकर जलाने की बड़ी घटना सामने आई थी।
क्योंकि इस दिन कांग्रेस के कई Top Leaders जैसे Ajay Maken, Harun Yusuf and former Congress Chief Amrinder Singh Lovely को Chole-Bhature खाते हुए जो Pics है वह सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में काफी वायरल हुई थी|
http://currentwa.blogspot.in/2018/03/kya-guard-of-honour-har-ek-award-winner.html?m=1
जिसके बाद पूछे गए एक सवाल के जवाब में अजय माकन ने कहा था कि यह उपवास 10:30AM से 4:30PM तक का है, और हमने सुबह के 8:00AM पर छोले भटूरे खाए थे।
यह उपवास Joke इसलिए बन गया क्योंकि उपवास की कोई भी विधि किसी भी धर्मानुसार पूरा दिन का होता है। जहां Sunrise से लेकर Sunset तक लोग कुछ नहीं खाते हैं।
कई बार यह यह Anshan राजनीतिक रूप से कई दिनों के लिए होता है।
हाल ही में Anna Hazare ने Indian Government के खिलाफ अपना अनशन व्रत रखा था जोकि Maharashtra के Chief Minister Devendra Fadnavis के consolation के बाद तोड़ा गया था|
दरअसल राजनीति में उपवास व्रत एक Non Violence Agitation है जो अपनी Condition को मनवाने या विरोध प्रकट करने के लिए किया जाता है|
अतः आज BJP के इस उपवास व्रत का क्या फर्क पड़ेगा यह देखने लायक होगा और यह Public में कितना Awareness लाएगा यह भी देखना होगा|
क्या भारतीय राजनीति के अलोकतांत्रिक नजरिए और कामों पर इसका कोई फर्क पड़ेगा यह भी भविष्य के लिए एक सवाल है।
क्या आगे की राजनीति में इस उपवास का कोई फर्क पड़ेगा?
1) हाँ2) नहीं
3) पता नहीं
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धन्यवाद।।



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